10+ मथुरा में घूमने की जगह, भगवान कृष्ण जन्मभूमि की यात्रा

मथुरा नगरी को भगवान कृष्ण की जन्म स्थली के रूप में जाना जाता है। मथुरा उत्तर प्रदेश राज्य का लोकप्रिय धार्मिक स्थल है। मथुरा शहर धार्मिक स्थल और आकर्षक स्थलों से भरा हुआ है। मथुरा में घूमने के लिए अनेकों तरह के धार्मिक और पर्यटन स्थल मौजूद है। भगवान कृष्ण के प्रेमी हर वर्ष लाखों की संख्या में देश विदेश से घूमने के लिए आते हैं। इस लेख में आपको बताएंगे की मथुरा में घूमने की जगह (Mathura Me Ghumne Ki Jagah) कौन-कौन सी हैं साथ में यह भी जानकारी देंगे की मथुरा में कैसे पहुंचें और मथुरा में कहां ठहरें।

Mathura me ghumne ki jagah

मथुरा में धार्मिक स्थल के अतिरिक्त कई जल सरोवर और नदियां है। मथुरा शहर दिल्ली से लगभग 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मथुरा यमुना नदी के किनारे बसा 25 घाटों से युक्त उत्तर प्रदेश राज्य का प्राचीन शहर है। जिसका उल्लेख हिंदू महाकाव्य रामायण में भी मिलता है। शाम के वक्त मथुरा में होने वाली आरती दर्शनीय है। मथुरा भारत के लोगों और विदेशी पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा धार्मिक स्थलों में से एक है। मथुरा से 10 किमी दूर बृंदावन भी धार्मिक स्थल है।मथुरा के आसपास के धार्मिक स्थल गोकुल, बरसाना, नंदगांव, वृंदावन है।


मथुरा में घूमने की जगह | Mathura Me Ghumne Ki Jagah


मथुरा शहर का परिचय

मथुरा शहर का इतिहास लगभग 2500 साल पुराना बताया जाता है। मथुरा श्री कृष्ण भगवान की जन्म भूमि के रूप में जाना जाता है। मथुरा में भगवान कृष्ण ने बहुत लीला की है। मथुरा वृंदावन का उल्लेख हिंदू महाकाब्य रामायण में मिलता है। 

मथुरा हिंदू धार्मिक स्थल होने के साथ ही बौद्धों का भी महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। मथुरा में कृष्ण भगवान द्वारा अनेकों लीला की गई है साथ ही मथुरा में ही भगवान कृष्ण ने कंस का वध किया था।


1. कृष्ण जन्मभूमि मथुरा का प्रमुख धार्मिक स्थल - Krishna Janam Bhumi Mathura

कृष्ण जन्मभूमि मंदिर भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है। पुराणों के अनुसार कृष्ण भगवान विष्णु के 8वे अवतार थे। भगवान कृष्ण का जन्म जेल की कोठरी में हुआ था। जहां उनके माता पिता को कंस ने कैद करके रखा था। इसी कारण इस मंदिर को कोठरी के चारो ओर बनाया गया है। यह वह स्थान है जहां कृष्ण भगवान का जन्म हुआ था।

Mathura me ghumne ki jagah

कृष्ण मंदिर मथुरा का लोकप्रिय धार्मिक स्थल है प्रत्येक वर्ष इस मंदिर को देखने के लिए लाखों की संख्या में पर्यटक दर्शन करने के लिए आते है। हर साल होने वाले कृष्ण जन्माष्टमी को यहां बहुत भीड़ होती है। कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर मथुरा को स्वर्ग की तरह सजाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर मथुरा का भव्य नज़ारा देखने के लिए लोगों की भीड़ लगती है। मंदिर में दर्शन कर जाने पर किसी भी तरह इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या मोबाइल फोन ले जानें नही दिया जाता। मथुरा जंक्शन से कृष्ण जन्मभूमि मंदिर 4 किमी दूर है।

दर्शन करने का समय: कृष्ण जन्मभूमि मंदिर हर रोज सुबह 5 बजे से 12 बजे तक और शाम 4 बजे से रात 09:30 तक


2. विश्राम घाट मथुरा

विश्राम घाट मथुरा का पौराणिक घाट है। कहते हैं भगवान कृष्ण ने कंस का वध करने के बाद इसी घाट पर विश्राम किया था। जिसकी वजह से यह घाट विश्राम घाट के नाम से लोकप्रिय हो गया। विश्राम घाट में जानें का उचित समय दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक रहता है क्योंकि मथुरा के अधिकांस मंदिर दोपहर के बाद बंद हो जाते हैं और दोबारा शाम को कपाट खोले जाते हैं तो इस समय के बीच विश्राम घाट पर जाकर घूम सकते हैं। विश्राम घाट कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से करीब एक किमी दूर स्थित है जहां ऑटो रिक्शा से पहुंच सकते हैं।


3. दुर्वासा ऋषि तपोस्थली

दुर्वासा ऋषि ने मथुरा में दस हजार साल तक तपस्या की थी। पास में ही कालिंदी कृष्ण मंदिर है जहां भगवान कृष्ण और यमुना जी की मूर्ती एक साथ देखने को मिलती है।


4. द्वारिकाधीश मंदिर मथुरा का धार्मिक स्थल - Dwarkadhish Temple Mathura

द्वारकाधीश मथुरा का एक लोकप्रिय धार्मिक स्थल है। इसका निर्माण 150 साल पहले कृष्ण भगवान के एक भक्त ने करवाया था। मंदिर में कृष्ण भगवान की मूर्ति स्थापित की गई है। द्वारकाधीश श्री कृष्ण भगवान को कहा जाता है। क्योंकि श्री कृष्ण भगवान द्वारका नगरी के राजा थे।

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इसी कारण इस मंदिर की स्थापना की गई थी। मंदिर के अंदर कृष्ण भगवान की मूर्ति को द्वारका के राजा के रूप में सजाया गया है। मंदिर में कृष्ण भगवान को बिना मोर पंख और बांसुरी के साथ सजाया गया है।

द्वारकाधीश मंदिर लोकेशन : विश्राम घाट के निकट स्थित हैं।


5. राधा कुंड मथुरा का धार्मिक स्थल - Radha Kund in Mathura

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राधा कुंड मथुरा का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है। यह वैश्णो का प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है। राधा कुंड का इतिहास भगवान कृष्ण के समय का माना जाता है। राधा कुंड का निर्माण भगवान कृष्ण का प्रेम राधा रानी के लिए दर्शता है। जहां हजारों की संख्या में पर्यटक घूमने के लिए आते हैं।


6. कंस किला मथुरा - Kans Qila Mathura Tourist Places

कंस किला मथुरा में यमुना नदी के किनारे स्थित बहुत ही पुराना किला है। किले का संबंध महाभारत से भी है। यह किला कृष्ण भगवान के मामा कंस को समर्पित है। किले का पुनः निर्माण राजा मानसिंह प्रथम ने करवाया था। राजा मानसिंह अकबर के दरबार में नवरत्नों में से एक थे।

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कंस का किला हिंदू और मुगल शैली की वास्तुकला का संयोजन है। किले को बहुत ही विशाल क्षेत्र में बनाया गया है। किले तक पहुंचने के लिए ऑटो रिक्शा द्वारा पहुंचा जा सकता है। कंस किला मथुरा में घूमने आने वाले पर्यटकों को रोमांचित करता है।


7. गोवर्धन पर्वत मथुरा का प्रसिद्ध स्थल - Govardhan Parvat Mathura

गोवर्धन पर्वत मथुरा शहर से लगभग 22 किलामीटर की दूरी पर स्थित है। पुराणों के अनुसार कहा जाता है जब भयंकर बारिश हो रही थी तब मथुरा नगरी को डूबने से बचाने के लिए कृष्ण भगवान ने गोवर्धन पर्वत को अपनी एक उंगली पर उठा लिया था। पर्वत के नीचे ग्वालवाले और गोपियों को खड़े हुए देख सकते हैं।

Mathura me ghumne ki jagah

गोर्वधन पर्वत के चारों ओर भक्त गुरु पूर्णिमा के मौके पर 23 किलोमीटर नंगे पांव पैदल चल कर परिक्रमा लगाते है और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं।


8. मथुरा का संग्रहालय प्रमुख पर्यटक स्थल - Mathura me ghumne ki jagah

Mathura me ghumne ki jagah

मथुरा संग्रहालय का निर्माण 1874 में करवाया गया था। जहां पर अनोखी वास्तुकला और कला कृतियां देखने को मिल जाएंगी संग्रहालय में कुषाण और गुप्त साम्राज्य के प्राचीन पुरातत्व देखने को मिलेंगे। यह संग्रहालय मथुरा के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। इसमें मथुरा से जुड़े कई प्राचीन काल के तथ्य मौजूद है। भारत सरकार ने डाक टिकट में इस संग्रहालय की फोटो जारी कि है।


9. कुसुम सरोवर मथुरा में घूमने की जगह - Kusum Sarovar in Mathura

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मथुरा का कुसुम सरोवर पर्यटकों द्वारा सबसे ज्यादा देखी जाने वाली जगहों में से एक है। यह सरोवर गोवर्धन पर्वत और राधा कुंड के बीच स्थित है। इस सुंदर जलाशय को बलुआ पत्थर से बनाया गया है। सरोवर के चारो ओर कई सारे मंदिर मौजूद है। कुसुम सरोवर में उतरने के लिए सीढ़ियों को निर्माण किया गया है। मथुरा आने घूमने आने वाले पर्यटक कुसुम सरोवर में डुबकी भी लगाते है। और पापों से मुुक्त होने की मंगल कामना करते हैं।


10. मथुरा घाट

प्राचीन समय में मथुरा में अनेकों घाट हुआ करते थे लेकिन आज वर्तमान में लगभग 20 घाट ही बचे हैं। इनमें से प्रमुख घाट है असकुंडा घाट, प्रयाग घाट, चक्रतीर्थ घाट, बंगाली घाट, गौ घाट, स्वामी घाट, ध्रुव घाट, सूरत घाट। कहा जाता है इन घाटों में स्नान करने से भक्तो के पाप धुल जाते हैं। मथुरा घूमने आने वाले तीर्थयात्री इन घाटों में स्नान करना अपना सौभाग्य मानते हैं।


11. रंग जी मंदिर मथुरा का प्रमुख दर्शनीय स्थल - Rang Ji Mandir Vrindavan Mathura me ghumne ki jagah

Mathura me ghumne ki jagah

मथुरा का रंग जी मंदिर बृंदावन मार्ग पर स्थित है। यह मंदिर श्री गोदा रणगामणार को समर्पित है। जो की विष्णु के अवतार माने जाते हैं। रंग जी मंदिर की वास्तुशिल्प दक्षिण भारतीय कला पर आधारित है। मंदिर का निर्माण सेठ गोविंददास और राधाकृष्ण दास ने मध्यकाल में करवाया था। यह मंदिर मद्रास के रंग नाथ मंदिर की शैली के मानचित्र के आधार पर बनाया गया है इसकी लागत लगभग 45 लाख रुपए आई थी।


12. बरसाना मथुरा - Barsana Mathura

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बरसाना मथुरा जिले की नगर पंचायत है। जहा राधा जी का जन्म हुआ था। बरसाना में ही श्री राधा रानी का मंदिर स्थित है। राधा रानी का जन्म स्थान होने के कारण ही बरसाना में भव्य मंदिर का निर्माण करवाया गया है। जिसे देखने के लिए लाखों की संख्या में भक्त आते हैं। बरसाना में राधा जी का निवास स्थान बना हुआ है जहां राधारानी रहा करती थी। बरसाना गए हैं तो कीर्ति मंदिर जाना बिलकुल मत भूलना बरसाना मथुरा से 50 किमी दूर पड़ता है।


13. प्रेम मंदिर बृंदावन

प्रेम मंदिर बृंदावन का खुबसूरत मंदिर है जिसकी सजावट मन को मोह लेगी। रात को लाईट की रोशनी में यह मंदिर स्वर्ग के समान जगमग दिखाई देता है। मंदिर के अंदर राधा कृष्ण की मूर्ती के दर्शन करने को मिलते हैं। मंदिर की दीवारों पर कृष्ण जी की रासलीला को 3D पेंटिंग के माध्यम से दर्शाया गया है। प्रेम मंदिर के पास ही कालिया देह की झांकी सजाई गई है। कलियादेह नाग के फन के ऊपर भगवान कृष्ण भगवान नृत्य की मुद्रा में खड़े हुए है। प्रेम मंदिर में जानें के लिए सबसे सही समय शाम के वक्त का होता है।


14. श्री श्री बलराम मंदिर

बृंदावन में श्री श्री बलराम मंदिर जिसे अंग्रेजों के मंदिर के लिए जाना जाता है। मंदिर में आपको भगवान कृष्णा और उनके भाई बलराम को एक साथ देखा जा सकता है। मंदिर में दर्शन करने के लिए भारी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं जो श्रद्धा भाव से दर्शन करते हैं। विदेशी पर्यटक मंदिर में हरे रामा हरे कृष्णा भजन गाते और नाचते हुए देखने को मिलते हैं।


15. कांच मंदिर वृंदावन

कांच का मंदिर पूरी तरह कांच द्वारा बनाया गया है। मंदिर को कांच से बहुत ही सुंदर ढंग से सजाया गया है जिसे देखकर आपको मज़ा आ जाएगा। मंदिर की दीवारों पर रंगबिरंगे कांच के टुकड़ों से सुंदर पेंटिग को बनाया गया है। कांच मंदिर में भी आपको राधा कृष्ण के दर्शन करने को मिलते हैं। मंदिर परिसर के बाहर एक छोटी से मानव निर्मित गुफा का निर्माण किया गया है जहां अनेकों भगवान की सुंदर झांकियों का नज़ारा देखा जा सकता है।


16. निधिवन वृंदावन

निधिवन बृंदावन का बहुत ही पवित्र धार्मिक स्थल है पौराणिक कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि निधिवन में भगवान श्री कृष्ण 6 हज़ार साल पहले 16108 गोपियों के साथ रासलीला रचाई थी। लोगों का मानना है कि आज भी भगवान रात को निधिवन में आते हैं और रासलीला रचाते हैं। निधिवन के अन्दर जंगली तुलसी के पेड़ देखने को मिलते हैं। निधिवन के अंदर की बंसी चोरी मंदिर है जहां राधा जी बंसी बजाते हुए विराजमान हैं। निधिवन में मान्यता है कि रात को भगवान श्री कृष्ण आते और भोग लगाते हैं। मंदिर के पास ही लोगो की समाधियां बनी हुई हैं कहते यह उन लोगों की समाधि है जो रात को चुपके से भगवान की रासलीला देखने को गए थे। मंदिर में दर्शन करने के लिए जूते चप्पल बाहर की उतार कर जाना होता है।


17. गोविंद देव जी मंदिर

गोविंददेव जी मंदिर 400 साल से भी अधिक प्राचीन विशाल मंदिर है जिसकी राजपूताना वास्तुशैली अदभुत है। मंदिर का निर्माण राजा मानसिंह ने 1590 में बनवाया था। मंदिर को खंभों की सहायता से खड़ा किया गया है।


18. बांके बिहारी मंदिर

बांके बिहारी मंदिर बृंदावन का लोकप्रिय चमत्कारी मंदिर है। बांके बिहारी मंदिर में स्थापित मूर्ती किसी कारीगर के द्वारा नही बनाई गई है कहते है। भगवान की मूर्ती निधिवन में स्वयं प्रकट हुई थी। मंदिर के गर्भ गृह में भगवान श्री कृष्ण की काले रंग की मूर्ती स्थापित है। भगवान की मूर्ती बहुत ही आर्कषक है कहते हैं यदि इस मूर्ती को लगातार देखने से ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं मूर्ती आपके साथ चलने को तैयार है। बांके बिहारी मंदिर के कपाट हर 2 मिनट में बंद कर दिया जाता है। मंदिर को बहुत ही भव्य बनाया गया है। मंदिर के चारो दिशाओं पर चार प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। 


मथुरा घूमने कब जाना चाहिए?- Best Time to Visit Mathura

यदि आप मथुरा में घूमने जाने की योजना बना रहे हैं तो अक्टूबर से लेकर मार्च के बीच का समय मथुरा में घूमने के लिए अच्छा समय माना जाता है। इन दिनों मथुरा का समय बहुत ही सुहावना होता है।

होली और कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा में धूमधाम उत्सव मनाया जाता है। परन्तु इन दिनों मथुरा में बहुत भीड़ होती है। अगर आप इन महोत्सव में शामिल होना चाहते हैं तो होली और कृष्ण जन्माष्टमी के दिनो मे जा सकते हैं। मथुरा में लठमार होली बहुत ही लोकप्रिय है जिसे देखने के लिए दूर दूर से लोग पहुंचते हैं।


मथुरा कैसे पहुंचे, पहुंचने का तरीका - How To Reach Mathura

यदि आप मथुरा घूमने जाने की योजना बना ही चुके हैं तो आपको जानकारी देंगे की मथुरा कैसे पहुंचा जा सकता है।


सड़क मार्ग द्वारा मथुरा कैसे पहुंचे? - How To Reach Mathura By Road

मथुरा शहर विभिन्न शहरों से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। आप उत्तर प्रदेश की रोड़ वेज बसों से मथुरा पहुंच सकते हैं या फिर अपने निजी वाहन द्वारा मथुरा पहुंचा जा सकता है।


रेल मार्ग द्वारा मथुरा कैसे पहुंचे? - How To Reach Mathura By Train

मथुरा में घूमने जाने के लिए सबसे सरल और सुगम माध्यम रेल मार्ग है। मथुरा रेलमार्ग द्वारा भारत के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। मथुरा का रेलवे स्टेशन मध्य और पश्चिमी रेलवे का प्रमुख रेलवे स्टेशन है। भारत के प्रमुख शहर, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, भोपाल, कानपुर, इंदौर, आगरा, वाराणसी, लखनऊ आदि शहर से ट्रेन आसानी से मिल जाती हैं।


वायु मार्ग द्वारा मथुरा कैसे पहुंचे? - How To Reach Mathura By Aeroplane

यदि आप मथुरा जाने का प्लान हवाई जहाज के माध्यम से जाने के लिए बनाया हैं तो यह महंगा और सबसे जल्दी पहुंचने का माध्यम है। मथुरा हवाई जहाज से जाने के लिए निकटतम एयरपोर्ट आगरा का है। जहा देश भर से बहुत सी उड़ानें संचालित होती रहती है। मथुरा से आगरा की दूरी महज 60 किलोमीटर है। 

आप आगरा पहुंच कर सड़क मार्ग द्वारा 1 से 2 घंटे में मथुरा पहुंच सकते है। साथ ही आप चाहे तो दिल्ली में स्थित इन्दिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में पहुंच कर सड़क मार्ग द्वारा मथुरा पहुंच सकते हैं। दिल्ली से मथुरा की दूरी 150 किलोमीटर है।


मथुरा का प्रसिद्ध भोजन और रेस्टोरेंट - Mathura Famous Food

मथुरा एक तीर्थ स्थल होने के कारण यहां खाने पीने के लिए बहुत सी दुकान मिल जायेंगी। मथुरा के पेड़े भारत में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है। मथुरा शहर खाने पीने में मिठाई और दुग्ध उत्पादकों के लिए जाना जाता है। यहां आपको पीने के लिए छाछ, मट्ठा, लस्सी मिल जायेगा। 

साथ ही अगर आपको मीठा खाना है। जलेबी, लडडू, और बरफी की दुकानें मिल जायेंगी। मथुरा एक धार्मिक स्थल होने के कारण ज्यादातर स्थानीय उत्तर भारतीय शाकाहरी भोजन मिल जायेगा।


मथुरा नगरी घूमने में कितना खर्चा आएगा?

मथुरा में घूमने जाने की योजना बनाने से पहले आपके मन में जरूर ख्याल आया होगा कि मथुरा में घूमने के लिए कितना खर्चा चाहिए। इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताना चाहेंगे की मथुरा में घूमने के लिए खर्चा आपके रहने के दिनों पर निर्भर करता है। वैसे मथुरा में घूमने जाने के लिए आधिकांश तीर्थ स्थल निशुल्क है और रहने के लिए निशुल्क धर्मशाला भी मिल जाते हैं।

लेकिन यदि आप धर्मशाला में न ठहर कर होटल में रुकते है। तो 500 रूपए से लेकर 1500 रूपए तक के साधारण होटल मिल जायेंगे। यदि आप लक्जरी होटल में रुकना चाहते हैं तो यह और महंगा पड़ेगा। साथ ही यातायात का खर्चा और आपके खाने का पीने का मिलाकर लगभग 2 दिन की यात्रा में प्रति व्यक्ति नॉर्मल 5000 से लेकर 8000 तक खर्च हो सकता है। बाकी घूमने का बजट खुद पर निर्भर करता है की आप कैसे मैनेज करते हैं।


लोगों ने जाना (People Also Asked)

1. मथुरा में घूमने की जगह कौन कौन सी है?

मथुरा में घूमने की प्रमुख जगह है। श्री कृष्ण जन्मभूमि, बरसाना, रग जी मंदिर, कंस किला, कुसुम सरोवर, द्वारकाधीश मंदिर, गोर्वधन पर्वत, मथुरा संग्रहालय, राधा कुंड इत्यादि।

2. मथुरा वृंदावन कितने दिन में घूम सकते हैं?

मथुरा वृंदावन में घूमने जाने की योजना बना रहे हैं तो आपको 2 दिन की योजना बना कर घूमने के लिए आना होगा। आप दो दिनों में मथुरा घूम सकते हैं।

3. मथुरा में क्या चीज़ मशहूर है?

मथुरा में सबसे ज्यादा मिठाई के रूप में मथुरा के लाल पेड़ा पूरे भारत में प्रसिद्ध है।


निष्कर्ष (Conclusion)

प्रिय पाठक लेख को पढ़कर मथुरा में घूमने की जगह (Mathura me ghumne ki jagah) के बारे में जानकारी मिल गई होगी है। आशा करते है यह जानकारी मथुरा की यात्रा को सुलभ और सरल बनाने में मदद मिलेगी। अगर आपको मथुरा में घूमने की जगह के विषय में कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट्स में लिखकर पूछ सकते हैं। अगर यह जानकारी आपको पसंद आई है तो उन लोगो को जरूर शेयर करें जो मथुरा में घूमने जाने का प्लान बना रहें हैं। हो सकता है यह जानकारी उनके काम आ सके।

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