15+ पटना में घूमने की जगह-Places to Visit in Patna

बिहार राज्य की राजधानी पटना शहर गंगा नदी के साहिल पर बसा ऐतिहासिक शहर है जो सांस्कृतिक और धार्मिक मंदिरों के कारण पूरे भारत में प्रसिद्ध है। गौरवशाली इतिहास को उजागर करता पटना शहर 6वी शताब्दी में पाटलिपुत्र नाम से जाना जाता था। पटना शहर हिंदू, सिक्ख, जैन और बौद्ध धर्म के तीर्थ यात्रियों के लिए अध्यात्म का केंद्र माना जाता है। पटना के पास ही गंगा और सोन नदी का संगम भी है। प्रिय पाठक आज के विशेष लेख में हम आपको पटना में घूमने की जगह (Patna Me Ghumne Ki Jagah) की सूची बनाई है जिसे पटना की यात्रा में शामिल करना चाहिए। यदि पटना घूमने की चाहत आपके मन में जाग्रत हुई है तो लेख को पूरा पढ़े ताकि शहर की जानकारी पाकर यात्रा को सफल बना सकें।

Patna Me Ghumne Ki Jagah

भारतीय संस्कृती और प्राचीन धरोहर की झांकी प्रस्तुत करता शहर शिक्षा के क्षेत्र में दुनियां के अन्य देशों से आगे था। नालंदा विश्वविद्यालय और विक्रमशिला विश्वविद्यालय जिसका जीता जागता उदाहरण है। प्राचीन काल में दुनियां के अलग अलग देशों से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते थे। पटना शहर पारंपरिक व्यंजन लिट्टी चोखा की वजह से पूरे भारत में प्रसिद्ध है। पटना की संस्कृती और पर्यटन स्थलों से वसीभूत होकर दुनियां के अलग देशों से लोग घूमने के लिए जाते हैं।


पटना में घूमने की जगह | Patna Me Ghumne Ki Jagah


राजधानी पटना के महत्वपूर्ण बिंदु

  1. बिहार की राजधानी पटना कोलकाता के बाद भारत का दूसरा सबसे घनी आबादी वाला शहर है।
  2. पटना की ऐतिहासिक भूमि में अनेक महापुरुषों का जन्म हुआ जैसे आर्यभट्ट, कालीदास, गौतम बुद्ध, गुरु गोविंद सिंह और जैन धर्म के अंतिम तीर्थकर भगवान महावीर जी है।
  3. दुनियां के सबसे लंबा पुल महात्मा गांधी सेतु पटना में ही मौजूद है जो नेपाल को सड़क मार्ग द्वारा आपस में जोड़ता है।
  4. भारत की आज़ादी में पटना शहर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है पटना से ही भारत छोड़ों आंदोलन की शुरुआत हुई थी।

1. महावीर मंदिर पटना

Patna Me Ghumne Ki Jagah

बिहार राज्य की राजधानी पटना के केंद्र में स्थित महावीर मंदिर सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। महावीर मंदिर को पटना का दिल कहा जाता है। भगवान हनुमानजी को समर्पित तीन मंजिला महावीर मंदिर को हनुमान मंदिर नाम से भी जाना जाता है। भारत का एक मात्र मंदिर जहां हनुमान जी के दो रूप देखने को मिलते हैं एक दुःख हरण और दूसरा मनोकामना पूरण। हिंदू धर्म में भगवान हनुमान कलयुग के संकट मोचन के रूप में लोगों का कल्याण करते हैं। मंदिर में दिल से मांगी गई सभी मान्यता पूर्ण होती है।

महावीर मंदिर में लोगों की अपार श्रद्धा जुड़ी हुई हैं। पटना के अलावा देश के विभिन्न शहरों से अलग हनुमान जी के अलौकिक दर्शन पाने के लिए जाते हैं। मंदिर में मिलने वाला नैवेधम प्रसाद महावीर मंदिर को भारत के दूसरे मंदिरों से खास बनाता है। पटना का महावीर मंदिर भारत के धनवान मंदिरो में से एक है। प्रतिदिन भक्तो द्वारा चढ़ावा चढ़ाया जाता है। महावीर मंदिर में दान दक्षिणा से आए धन से लोगो की मदद की जाती है। दान में मिले धन को अस्पताल में लगाया जाता है जिससे गरीब लोगो का इलाज किया जाता है। सप्ताह के शनिवार और मंगलवार को भक्तो की लंबी लाइन लगती है। महावीर मंदिर पटना जंक्शन के ठीक सामने स्थित है। पटना जंक्शन पहुंचते ही मंदिर की झलक दिखाई देने लगती है।


2. पटना म्यूज़ियम (Patna Meseum)

Patna Me Ghumne Ki Jagah

पटना संग्रहालय ऐतिहासिक ज्ञान और बिहार राज्य की पुरानी साम्यता और संस्कृति का परिचय कराता है। पटाना म्यूजियम बिहार राज्य का सबसे बड़ा प्राचीन संग्रहालय है जिसे बाद में दो भागो में विभाजित कर दिया गया है। क्योंकि पटना म्यूज़ियम वस्तुओं को प्रदर्शित करने के लिए छोटा पड़ने लगा था। पटना म्यूज़ियम को अलग करके दूसरा बिहार संग्रहालय का निर्माण किया गया। पटना संग्रहालय में पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग द्वारा खोजी गई प्राचीन धरोहर को सहेज कर रखा गया है जिसमें पेंटिंग, पांडुलिपि, सिक्के, शाही तलवार प्रमुख हैं। पटना म्यूज़ियम का भ्रमण करने के बाद बिहार संग्रहालय में भी पुरानी धरोहर को देख सकते हैं। गोलघर से पटना म्यूज़ियम 2 किमी की दूरी पर स्थित है। पटना म्यूज़ियम प्रत्येक सोमवार को बंद रहता है।


3. संजय गांधी बायोलॉजिकल पार्क (Patna Zoo)

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पटना का चिड़ियाघर जिसे संजय गांधी जियोलॉजिकल पार्क के नाम से जाना जाता है। 1969 में स्थापित चिड़ियाघर जीव जंतुओं का घर है। बाग बगीचों के बीच घूमते हुए चिड़ियाघर के अंदर जंगली जानवर और तरह तरह के पक्षियों को साक्षात देखने का मौका मिलता है। पार्क में हाथी, शेर, भालू, सफ़ेद बाघ, गैड़ा, तेंदुआ, चिम्पांजी, मगरमच्छ, घड़ियाल जिराफ़, दरियाई घोड़ा, जैसे जानवर अनुकूल वातावरण में देखने को मिलते हैं। पक्षियों में शुतुरमुर्ग, मकाऊ तोता, चील, कछुआ, मोर, को देख पाएंगे। अंदर बना मछली घर विभिन्न प्रजाति के मछलियों का परिचय कराता है। चिड़ियाघर में मनोरंजन करने के लिए नाव की सवारी बेहतरीन अनुभवों में से एक है।पटना का चिड़ियाघर प्रत्येक सोमवार को बंद रहता है।


4. इको पार्क (Eco Garden Patna City)

राजधानी वाटिका नाम से प्रचलित इको पार्क पटना में मनोरंजन और पिकनिक की दृष्टि से बहुत ही सुन्दर पार्क है। इको पार्क का नाम पटना के सबसे बड़े पार्क के रूप में दर्ज है। पार्क में लगे गुलाबी फूल और पानी के फब्बारे फ़ोटो शूट करने के लिए अच्छा दृश्य प्रस्तुत करते हैं। पार्क में बच्चों से लेकर बड़े लोगो के मनोरंजन हेतु अनेकों गतिविधियों को उपलब्ध हैं। बच्चों के खेलने के लिए झूले, टॉय ट्रेन भी उपलब्ध है। पार्क के अंदर बंजी जंपिंग, नौका विहार, Wall Climbing, स्केटिंग जैसे मनोरंजन करने के तरीके हैं। वीकेंड में परिवार और बच्चों के साथ समय व्यतीत करने के लिए सबसे आदर्श स्थानों में से एक है। पार्क को प्रकृति रूप देने के लिए अनेक अनेक तरह के प्रबंध किए गए हैं। इको पार्क की साप्ताहिक बंदी बृहस्पतिवार को रहती है।


5. गोलघर (Golghar Historical Place)

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गोलघर पटना के ऐतिहासिक गौरव का मौन गवाह है जो शहर के प्राचीन इतिहास का वर्णन करते हुए विराजमान है। बिहार की राजधानी पटना के अशोक पथ पर 29 मीटर की ऊंचाई में बनी प्राचीन ऐतिहासिक ईमारत है जिसे गोलघर कहा जाता है। गोलघर का निर्माण 1786 में ब्रिटिश सरकार के गवर्नर वारेन हेस्टिंग्स के शासन काल में करवाया गया था। आज की भांति प्राचीन काल में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए व्यवस्था नहीं थी जिसकी वजह से अनाज को संरक्षित करने के लिए गोलाकार ईमारत का निर्माण करवाया गया ताकि सूखा और बाढ़ के दौरान अकाल आने पर अनाज की पूर्ति की जा सके। गोलघर पटना का मुख्य आकर्षण है ईमारत की ऊपरी मंजिल से पटना शहर का सुन्दर नजारा देखने को मिलता है।


6. सिटी सेंटर मॉल

सिटी सेंटर मॉल पटना का लोकप्रिय मॉल है जो खरीदारी करने के साथ Wax Museum के लिए जाना जाता है। वैक्स म्यूजियम में नेता, अभिनेता और खिलाड़ियों के मोम से बने पुतलों को साक्षात देखने का मौका मिलता है। जिसमें पुतलों के बगल में खड़े होकर यादगार फोटो उतार सकते हैं। मोम से बने पुतले देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे बिलकुल सजीव हो।


7. बुद्धा स्मृति पार्क पटना

Patna Me Ghumne Ki Jagah

बुद्धा स्मृति पार्क 22 एकड़ भूमि में फैला हरियाली से परिपूर्ण खुबसूरत पार्क है जिसके हरे भरे पेड़, फूल और हरी घास पर्यटकों को आकर्षित करती है। चलते चलते थक चुके हैं तो हरी घास में बैठकर विश्राम का आनंद उठा सकते हैं। पार्क के मध्य में पाटलिपुत्र करुणा स्तूप बना है जिसका निर्माण 2010 में तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा ने करवाया था। बुद्धा स्मृति पार्क अध्यात्म मंथन का केंद्र है जिसमें योगा का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। बुद्धा पार्क में भगवान बुद्ध की अस्थियों के अवशेष को भी सुरक्षित रखा गया है जिसकी वजह से पार्क की पवित्रता बढ़ जाती है। पार्क में रोजाना शाम हो लेजर शो आयोजित किया जाता है जिसमें भगवान बुद्ध के ज्ञान और आदर्शो आधारित शो देखने को मिलता है।

Park Open Timing : पार्क में घूमने का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक रहता है। बुद्धा स्मृति पार्क रेलवे स्टेशन से 1 किमी दूर विपरीत दिशा में फ्रेजर रोड़ के पास पड़ता है।


8. बड़ी पटन देवी मंदिर

बड़ी पटन देवी मंदिर पटना का प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है जो स्थानीय लोगों की आस्था का प्रतीक है। भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक माता पटन देवी का मंदिर अपनी पौराणिक कथाओं और गरिमा के कारण लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए है। पौराणिक ग्रंथों में वर्णित माता सती के अंग इसी पवित्र स्थान पर गिरे थे। जिस कारण मंदिर की प्रतिष्ठा अद्वितीय है। हिंदू पौराणिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है की पटना का नाम माता पटन देवी के नाम पर पड़ा। कुछ इतिहासकारों का मत है पटना शब्द की उत्पत्ति पत्तन से हुई संस्कृत में पत्तन का शाब्दिक अर्थ बंदरगाह है।


9. इस्कॉन मंदिर (Iskcon Temple Patna Holy Place)

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पटना का गौरव इस्कॉन मंदिर अपनी बनावट और सुंदरता के कारण पर्यटकों को अपनी ओर लुभाता है। 100 करोड़ की लागत से बना नवनिर्मित मंदिर का उद्घाटन मई 2022 में किया गया है। मंदिर की दीवारों पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को चित्रण के माध्यम से दर्शाया गया है।इस्कॉन मंदिर सुबह 04:30 बजे खुल जाता है जिसमें भगवान की मंगला आरती संपन्न की जाती है। आरती में सम्मानित होने के लिए सुबह पहुंच सकते हैं बाकी साधारण दर्शन के लिए मंदिर सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुला रहता है। बीच में मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं शाम 04:30 से रात 08:30 तक दर्शन प्राप्त किया जा सकता है।


10. सभ्यता द्वार पटना

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भारत में गेट वे इंडिया और इंडिया गेट की तर्ज पर सभ्यता द्वार पटना का महत्वपूर्ण द्वार है जो भारत की सभ्यता के मार्ग का प्रतीक है। गंगा नदी के किनारे स्थित कंक्रीट और बलुआ पत्थर से निर्मित 34 मीटर ऊंचे सभ्यता द्वार की दीवारें पर भगवान बुद्ध, महावीर स्वामी और अशोक सम्राट द्वारा वर्णित पाटलिपुत्र के महत्व और इतिहास का वर्णन किया गया है। सभ्यता द्वार के ऊपर भारत के राष्ट्रिय चिन्ह अशोक स्तंभ के चार सिंघ आधुनिक राष्ट्र के निर्माण का प्रतीक है। पटना शहर की सभ्यता और संस्कृति को उजागर करता सभ्यता द्वार जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। सभ्यता द्वार के आसपास बना सुंदर गार्डन पर्यटकों के मनोरंजन और पिकनिक के लिए आदर्श स्थान है।


11. गांधी घाट (Gandhi Ghat)

Patna Me Ghumne Ki Jagah

गंगा नदी के तट पर बसा पटना शहर अपने पवित्र घाटों की वजह से अलग ख्याति प्राप्त किए हुए है। पटना का गांधी घाट एक एतिहासिक घाट है। इसी घाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की अस्थियों का विसर्जन किया गया था जिसकी वजह से घाट की गरिमा अधिक है। गांधी घाट की सबसे खुशनुमा यादों में नाव की सवारी रहती है। नाव में बैठकर गंगा के निर्मल जल में सैर कर सकते हैं। नाव में सबसे बड़ी क्रूज़ नाव चलती हैं जिसका संचालन बिहार राज्य पर्यटन विभाग द्वारा किया जाता है। घाट में सप्ताह के शनिवार और रविवार को होने वाली गंगा मईया की आरती दर्शनीय है। शाम को घाट पर लोगों की बहुत ही भीड़ लगती है। गांधी घाट राष्ट्रिय प्रौद्योगिक संस्थान (NIT) के पीछे बना हुआ है।


12. श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र (Shri Krishna Science Centre Patna)

पटना में स्थित श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र ज्ञान और विज्ञान को आत्मसात करने वाला प्रसिद्ध संस्थान है। विज्ञान केंद्र की स्थापना 1978 में की गई थी। संस्थान में विज्ञान जगत और ब्रह्मांड के नए नए अविष्कारों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। विद्यार्थियो के लिए यह सेंटर पाठशाला के रूप में मार्गदर्शन करता है। सेंटर में आधुनिक तकनीक से संबंधित लाईट शो आयोजित किया जाता है जिसमे थ्री डी शो, साइंस शो, में चलचित्रों के द्वारा समझाने का अद्भुत तरीका अपनाया जाता है। विज्ञान केंद्र में बने डायनासोर छोटे बच्चों को बहुत ही आकर्षित करते हैं।

Science Center Open Timing : श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र रोजाना 09:30 से शाम 6 बजे तक खुला रहता है। विज्ञान केंद्र होली, दिवाली को छोड़कर पूरे साल समय से खुलता है।

विज्ञान सेंटर का पता : गांधी मैदान के दक्षिणी क्षेत्र में राजा जी सलाई के पास।


13. स्वर्गीय सतेंद्र नारायण सिन्हा पार्क (SK Puri Park Patna)

SK पुरी पार्क पटना में कपल्स के घूमने लायक सबसे प्रमुख पार्क में से एक है। चारो ओर रंग बिरंगी फूलों से भरा पार्क कपल्स के साथ कीमती समय व्यतीत करने के लिए आदर्श स्थान है। पार्क में बैठने के लिए हरी घास थकान मिटाने के लिए आकर्षित करती है। बच्चों के खेलने हेतु झूले और स्लाइडर लगे हुए हैं। पानी के बहते फब्बारों के बीच फ़ोटो और वीडियो शूट कर सकते हैं। शाम को ठंडी हवा का सुखद ऐहसास पाने के लिए पर्यटक घूमने के लिए जाते हैं। पार्क के बाहर शाम को चटपटा खाने के लिए अनेकों फुल्के चाट के ठेले देखने को मिल जायेंगे। पार्क का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के द्वारा किया गया है।


14. कुम्हरार पार्क (Kumhrar Park)

कुम्हरार पार्क पटना का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पार्क है जो स्वर्णिम अतीत की झलक प्रस्तुत करता है। पार्क अपनी पुरातात्विक धरोहर के लिए जाना जाता है। कुम्हरार पार्क में खुदाई के दौरान मौर्य साम्राज्य के 600 वर्ष पूर्व के अवशेष प्राप्त हुए है जिसमें शिलालेख, स्तंभ, बौद्ध स्तूप को देखा जा सकता है। भारतीय इतिहास और प्राचीन संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों को पार्क में घूमने जरूर जाना चाहिए। पार्क की देखरेख भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा किया जाता है। पार्क सोमवार में दिन अवकाश रहता है। कुम्हरार पार्क पटना जंक्शन से 5 किलोमीटर दूर ककड़बाग में स्थित है।


15. पटना साहिब गुरुद्वारा

Patna Me Ghumne Ki Jagah

सिक्ख धर्म में पटना साहिब गुरुद्वारा गुरु को प्राप्त करने का मार्ग दर्शन कराता है। पटना साहिब गुरुद्वारा सिखों का पवित्र स्थल है जिसे गुरु गोविंद सिंह जी की याद में बनवाया गया है। सिक्खों के दसवें और अंतिम गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म पटना में ही 22 दिसंबर 1666 में हुआ था उन्हीं की स्मृति में पटना साहिब गुरुद्वारा का निर्माण किया गया है जिसे श्री हरमंदिर साहिब गुरुद्वारा के नाम से भी जाना जाता है। सिक्ख धर्म के पांच तख्त में दूसरा पटना साहिब गुरुद्वारा अपनी पहचान रखता है।

गुरूद्वारा साहिब सभी धर्मो के लोगों का स्वागत करता है। गुरूद्वारा में सभी धर्मो के लोग गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए जाते हैं और मत्था टेक कर आशीर्वाद लेते हैं। पटना साहिब गुरुद्वारा शहर से 10 किलोमीटर दूर हाजीगंज में पड़ता है। पहुंचने के लिए ऑटो रिक्शा, बस या फिर ट्रेन मुख्य रूप से यातायात के साधन हैं। पटना शाहिब रेलवे स्टेशन से गुरूद्वारा 2 किमी की दूरी पर स्थित है।


पटना की ऐतिहासिक धरोहर

  1. अंजुमन इस्लामिया हॉल
  2. पादरी की हवेली
  3. अगम कुआं
  4. बेगू हज्जाम की मस्ज़िद
  5. शेरशाह सूरी की मस्जिद
  6. जालान हाउस


पटना के प्रसिद्ध पार्क

  1. शाहिद बीर कुंवर सिंह पार्क
  2. SK Puri Park
  3. Energy Park राजवंशी नगर
  4. पटना वाटरपार्क परसा बाज़ार
  5. जलालपुर फन एडवेंचर पार्क
  6. Trampoline Park Patna
  7. रॉयल गार्डन

पटना की यात्रा में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न-FAQ on Patna Me Ghumne Ki Jagah

1. पटना को किन किन नामों से जाना जाता है?

प्राचीनकाल में पटना को पाटलिपुत्र, पुष्पपुर, पाटलिग्राम, कुसुमपुर और अजीमाबाद के नाम से जाना जाता था।

2. पटना बिहार की राजधानी कब बनाई गई?

1912 में बंगाल विभाजन के दौरान पटना शहर बिहार और उड़ीसा की राजधानी बनाया गया फिर 1935 में उड़ीसा को बिहार राज्य से पृथक कर नया राज्य बनाया गया।

3. पटना में कौन कौन सी नदियां प्रवाहित होती हैं?

पटना शहर में गंगा, सोन और पुनपुन नदी बहती है।

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